
– भूकंप से बचाव को लेकर किया गया मॉक ड्रिलनमस्कार आप देख रहे हैं सुपौल टीवी टाइम्स में हूं आपकी दोस्त मीरा पांडे आए ख़बर को विस्तार से जानते हैं आपदा की स्थिति में त्वरित और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने के उद्देश्य से सुपौल जिला प्रशासन द्वारा आज भूकंप पर आधारित एक व्यापक मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। इस अभ्यास के जरिए प्रशासन ने आपदा प्रबंधन तंत्र की तैयारी, विभागीय समन्वय और राहत एवं बचाव संसाधनों की क्षमता का परीक्षण किया।जिले के विभिन्न संवेदनशील क्षेत्रों को ध्यान में रखते हुए कुल पाँच स्थलों का चयन किया गया, जहां पूर्व निर्धारित परिदृश्य के आधार पर मॉक ड्रिल का संचालन किया गया। हर स्थल पर नोडल पदाधिकारियों की प्रतिनियुक्ति की गई थी, जिन्होंने संभावित भूकंप की स्थिति को वास्तविक रूप देकर त्वरित प्रतिक्रिया और राहत कार्यों का अभ्यास कराया।ड्रिल के दौरान रेस्क्यू टीमों ने मलबे में फंसे लोगों को निकालने, प्राथमिक उपचार देने और सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की प्रक्रिया का प्रदर्शन किया। इसके साथ ही आपातकालीन संचार व्यवस्था, एम्बुलेंस सेवा, और राहत सामग्री वितरण की तैयारियों की भी जांच की गई।इस मॉक ड्रिल में कई संस्थाओं ने सक्रिय भागीदारी निभाई, जिनमेंसशस्त्र सीमा बल,भारतीय रेड क्रॉस सोसाइटी,भारत स्काउट्स और गाइड्सऔर आपदा मित्र स्वयंसेवक शामिल रहे। सभी टीमों ने समन्वित रूप से कार्य करते हुए आपदा प्रबंधन की तैयारियों का व्यावहारिक प्रदर्शन किया।इस पूरे कार्यक्रम का संचालन मुख्य कमांड ऑफिसर आपदा प्रबंधन और अपर समाहर्ता मो तारिक के नेतृत्व में किया गया। उन्होंने बताया कि इस तरह के अभ्यास का उद्देश्य किसी भी आपदा की स्थिति में त्वरित, संगठित और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करना है, ताकि जनहानि और नुकसान को न्यूनतम किया जा सके।प्रशासन का कहना है कि भविष्य में भी इस तरह के मॉक ड्रिल नियमित रूप से आयोजित किए जाएंगे, ताकि आपदा प्रबंधन तंत्र को और अधिक सशक्त और सतर्क बनाया जा सके।









