सहरसा में पत्रकार पर हमले के विरोध में सुपौल के पत्रकारों की अहम बैठक, कार्रवाई नहीं हुई तो आक्रोश मार्च का ऐलान

सहरसा सदर अस्पताल परिसर में पत्रकार के साथ हुई कथित मारपीट की घटना के विरोध में सुपौल जिले के पत्रकारों में भी आक्रोश देखने को मिल रहा है। घटना के विरोध में सुपौल नगर परिषद क्षेत्र के महावीर चौक स्थित वरिष्ठ पत्रकार संजय सिंह के आवास पर प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से जुड़े पत्रकारों की एक अहम बैठक आयोजित की गई।
बैठक में सहरसा में पत्रकार के साथ हुई घटना की कड़ी निंदा की गई। पत्रकारों ने कहा कि पत्रकारों के साथ इस तरह की घटनाएं लोकतंत्र के चौथे स्तंभ की आवाज को दबाने का प्रयास हैं और ऐसी घटनाओं पर प्रशासन को गंभीरता से कार्रवाई करनी चाहिए।
बैठक के दौरान पत्रकारों ने निर्णय लिया कि अगर बुधवार की शाम तक सरकार की ओर से मामले में कोई ठोस निर्णय या कार्रवाई नहीं होती है, तो इसके विरोध में सुपौल में आक्रोश मार्च निकाला जाएगा।
पत्रकारों ने यह भी कहा कि जरूरत पड़ने पर बिहार के विभिन्न जिलों के पत्रकारों को संगठित कर इस मामले के विरोध में आंदोलन किया जाएगा। बैठक में मौजूद पत्रकारों ने पत्रकारों की सुरक्षा और सम्मान के लिए एकजुट होकर संघर्ष करने का संकल्प लिया।
इस बैठक में प्रिंट एवं इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से जुड़े कई पत्रकार मौजूद रहे और प्रस्तावित कार्यक्रम को अपना पूर्ण सहयोग देने का आह्वान किया।
बाइट – वरिष्ठ पत्रकार तपेश्वर मिश्र
बाइट – पूर्व हिंदुस्तान प्रभारी विनय कुमार मिश्रा
एंकर आउट –
सहरसा की घटना के विरोध में सुपौल के पत्रकारों की यह बैठक अब आंदोलन की दिशा में बढ़ती दिखाई दे रही है। अब सभी की नजरें सरकार और प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं।





