

पूर्णिया के सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव 26 सितंबर को सुपौल पहुंचे, जहां उन्होंने कोसी नदी के बढ़े जलस्तर और बाढ़ से प्रभावित इलाकों का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने बाढ़ पीड़ित परिवारों से मुलाकात की, उनकी परेशानियां सुनीं और कई लोगों को आर्थिक मदद भी दी।

कोसी नदी के बढ़ते जलस्तर के बीच सुपौल के कई इलाकों में बाढ़ का असर देखने को मिल रहा है। इसी बीच पूर्णिया सांसद पप्पू यादव बाढ़ प्रभावित लोगों के बीच पहुंचे। उन्होंने लोगों से मुलाकात कर उनकी समस्याओं को जाना और जरूरतमंद परिवारों को आर्थिक सहायता दी।पप्पू यादव ने कहा कि बिहार के कई हिस्सों में लोग बाढ़ की वजह से परेशान हैं और बड़ी संख्या में परिवारों के सामने खाने-पीने, रहने और रोजमर्रा की जरूरतों को लेकर मुश्किलें खड़ी हो गई हैं।उन्होंने कहा कि सुपौल में हर साल कोसी नदी की वजह से बाढ़ का खतरा बना रहता है, बावजूद इसके बाढ़ प्रभावित लोगों की मदद और स्थायी समाधान को लेकर सरकार को और गंभीर कदम उठाने की जरूरत है।इस दौरान पप्पू यादव ने बाढ़ पीड़ित परिवारों को भरोसा दिलाया कि मुश्किल की इस घड़ी में वह उनके साथ खड़े हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि जल्द ही हालात सामान्य होंगे और प्रभावित परिवार बाढ़ के संकट से बाहर निकल सकेंगे। – चुनाव आयोग पर बयानबाढ़ पीड़ितों से मुलाकात के दौरान पप्पू यादव ने चुनाव आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर भी तीखी टिप्पणी की। उन्होंने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए गंभीर आरोप लगाए और कहा कि आयोग की कार्रवाई से लोकतंत्र और मताधिकार को नुकसान पहुंच रहा है।पप्पू यादव पहले भी मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और एसआईआर को लेकर सार्वजनिक रूप से गंभीर आरोप लगा चुके हैं।उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग के फैसलों से बीजेपी को फायदा पहुंचाने की कोशिश की जा रही है। हालांकि ये पप्पू यादव के राजनीतिक आरोप हैं, जिन पर चुनाव आयोग और संबंधित पक्षों का अपना पक्ष हो सकता है।फिलहाल सुपौल में बाढ़ की स्थिति के बीच पप्पू यादव का बाढ़ पीड़ितों से मिलना और आर्थिक मदद देना चर्चा में है। वहीं, चुनाव आयोग को लेकर उनके बयान ने राजनीतिक बहस को भी एक बार फिर तेज कर दिया है।





